महिला सशक्तिकरण के लिए प्रयासरत घरसेनौकरी.कॉम

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देश की नवीनतम जनगणना के अनुसार भारतवर्ष में गृहणियों अथवा हाउसवाइफ्स की जनसंख्या 16 करोड़ आंकी गई है. अब इतनी बड़ी जनसंख्या या मानवसंसाधन को क्या हम मात्र घर की चारदीवारी में कैद होकर रह जायेगी. गृहणियों की इन्हीं समस्याओं को समझा है नोयडा के अजातशत्रु ने और वे अपने स्टार्टअप *घरसेनौकरी.कॉम के माध्यम से इस समस्या का हल लेकर आये हैं. घरसेनौकरी.कॉम के माध्यम से वे घर बैठे ही गृहणियों को रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं. इसके अतिरिक्त **वीमेनइनबिज़नेस.इन के माध्यम से वे अब गृहणियों को घर बैठे ही स्वरोजगार भी उपलब्ध करा रहे हैं.

घरसेनौकरी.कॉम के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी अजातशत्रु बताते हैं कि “हमारा प्रयास एक इस प्रकार के पारिस्थितिकीतंत्र का निर्माण है, जिससे घर पर बैठी इन महिलाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार उपलब्ध कराकर अर्थव्यवस्था का हिस्सा बनाया जा सके. हम प्रख्यात नियोक्ताओं को प्रतिभाशाली एवं कुशल महिला कार्य बल उपलब्ध करवाते हुए इनके मध्य एक पुल कार्य रहे हैं. हमारा यह पोर्टल सिर्फ जॉब पोस्टिंग करके हाँथ पे हाँथ धरकर बैठ नहीं जाता है, बल्कि हम तब तक नहीं बैठते जब तक कि उन्हें रोजगार या स्वरोजगार प्राप्त न हो जाय. हम सिर्फ प्राइवेट सेक्टर में ही इनके लिए रोजगार के अवसर नहीं तलाशते हैं, बल्कि सरकारी संस्थानों एवं सार्वजनिक क्षेत्र के उपकक्रमों में भी इनके लिए रोजगार के अवसर मुहैय्या कराने के प्रयास करते हैं.”

मानवसंसाधन के क्षेत्र में अजातशत्रु एक लम्बे अरसे से काम कर रहे थे लेकिन जीवन की कुछ घटनाएँ उन्हें कहीं अन्दर ही अन्दर कचोटती रहीं और इन घटनाओं ने ही उन्हें प्रेरित किया इस सोशल स्टार्टअप की स्थापना हेतु. वो बताते हैं कि लगभग 13-14 साल पहले मेरी एक कजिन का विवाह मुंबई के एक परिवार में हुआ, मेरी कजिन अच्छी खासी पढ़ी लिखी पोस्ट ग्रेजुएट थीं और जीवन में कुछ करना चाहती थीं. विवाह के पहले उनके ससुराल वालों ने काम करने पर कोई मनाही नहीं की थी, लेकिन विवाह के बाद उन्होंने काम करने देने से मना कर दिया. मुंबई जैसे महानगर का ऐसा हाल देखकर मैं काफी असंतुष्ट हुआ. इस घटना के बाद से मैंने ग्रामीण एवं छोटे शहरों में महिलाओं के काम काज करने की स्थिति पर भी ध्यान देना शुरू किया, तो मुझे यह महसूस हुआ कि इन गृहणियों की सबसे बड़ी समस्या यह है कि उन्हें परिवार वाले घर से बाहर नहीं जाने देना चाहते. इस समस्या का समाधान मुझे यह दिखा कि यदि इन गृहणियों को घर से ही काम करने के अवसर प्रदान किये जाँय तो संभवतः इन्हें काम करने की सुविधा प्राप्त हो सकती है.
बस इस प्रकार मुझे मेरे स्टार्टअप के लिए राह मिल गई और जन्म लिया घरसेनौकरी.कॉम ने.

इस क्षेत्र में काफी काम करने के बाद मुझे ऐसा लगा कि सिर्फ रोजगार ही क्यों ? स्वरोजगार भी क्यों नहीं ? अतः घरसेनौकरी.कॉम के विस्तार के रूप में वीमेनइनबिज़नेस.इन की भी शुरुआत की गई. और आज हम महिला रोजगार एवं स्वरोजगार दोनों ही क्षेत्रों में कार्य करते हुए नारी सशक्तिकरण के उत्थान हेतु कार्य कर रहे हैं. इस पोर्टल की स्थापना से पूर्व ही एक बात एकदम स्पष्ट थी कि हम इन महिला उम्मीदवारों से एक पैसा भी नहीं लेंगे.

कुछ समय पहले ही घरसेनौकरी.कॉम ने भारतीय रेलवे के साथ एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने की योजना बनाई है, जिसके माध्यम से गृहणियां भारतीय रेल को देश भर में स्थानीय स्तर से गृहणियों के हाँथ का बना घर का खाना उपलब्ध करवाने का प्रयास करेंगीं. इस परियोजना की अंतिम स्वीकृति का हम इन्तजार कर रहे हैं.

घरसेनौकरी.कॉम की मुख्य स्तम्भ एवं को-फाउंडर प्रतिभा शर्मा घरसेनौकरी को अगले स्तर पर पर ले जाने के लिए अथक परिश्रम कर रही हैं. प्रतिभा बताती हैं कि, “नौकरिओं के क्षेत्र में 100 से अधिक नौकरी पोर्टल इस देश में मौजूद हैं, लेकिन इनमें से एक भी पोर्टल ऐसा नहीं है जो घर से काम करने वाली महिलाओं के लिए समर्पित हो. घरसेनौकरी इसीलिए हमने इस समस्या का समाधान लेकर इस क्षेत्र में उतरा है. दरअसल इस सन्दर्भ में सिर्फ नौकरी के प्रोफाइल पर ध्यान देने की आवश्यकता है, यदि प्रोफाइल पर ठीक से ध्यान दिया जाय तो घर से काम करने वाली महिलाओं की पूरी फ़ौज को तैय्यार की जा सकती है. विभिन्न प्रोफाइल्स के अनुरूप हमारे पास ढेरों रोजगार उपलब्ध हैं. हम पूर्णकालिक नौकरियों की बजाय गृहणियों को अपने घर से ही आराम के साथ जीविका कमाने के अवसर उपलब्ध करवाते हैं.

घरसेनौकरी.कॉम देश की 16 करोड़ गृहणियों को आर्थिक रूप से संपन्न सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है और इस मिशन को लेकर आगे बढ़ रहा है. इस समय हमारे साथ लगभग 4 लाख सदस्य पंजीकृत हैं जिनमें से काफी सदस्यों को उनकी रूचि के अनुरूप रोजगार एवं स्वरोजगार उपलब्ध कराये गए हैं. हमारा लक्ष्य है कि 2025 तक हम महिलाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार उपलब्ध कराने वाला विश्व का सबसे बड़ा पोर्टल हों. हम इस प्लेटफ़ॉर्म अथवा मंच पर 30 – 40 लाख पंजीकरण लक्षित कर रहे हैं और यदि हमने इनमें से 5 लाख रोजगार एवं स्वरोजगार उपलब्ध करा लिए तो यह एक बड़ी सफलता होगी.

www.GharSeNaukri.com
www.WomenInBusiness.in

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